विचारवान नेता

विचारवान नेता

Image/photo credit: Meatingplace October 2021

यह लेख मांस उद्योग पत्रिका के अक्टूबर 2021 के अंक में प्रकाशित हुआ है, मीटिंगप्लेस. यह भाई मार्क लॉरिट्सन के साथ एक इंटरव्यू है, वह यूनाइटेड फूड एंड कमर्शियल वर्कर्स (UFCW) के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और आय.यु.फ के वैश्विक अध्यक्ष है। भाई मार्क मांस प्रसंस्करण श्रमिकों के संघर्ष के बारे में बात करते हैं, उनका व्यक्तिगत इतिहास, मानव अधिकारों की केंद्रीय भूमिका, और संगठन की स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ के बारे में बात करते है।

विचारवान नेता

पीटर थॉमस रिक्की

कठिन सौदा,

UFCW के मार्क लॉरिट्सन मीट प्लांट के श्रमिकों के लिए लड़ते हैं – और इस प्रक्रिया में वह उद्योग के भविष्य के लिए काम करते हैं।

राजनीतिक वैज्ञानिक एडॉल्फ रीड जूनियर के लेखन में, प्रसिद्ध शैक्षिक और आयोजक, सामूहिक कार्रवाई के मूल्य पर महत्व देते हैं – मतिहीनता और हावभाव  के बजाय सामान्य हितों के साथ एकजुट होना चाहिए। ” वह इस तरह की चिंताओं के आसपास लोगों को एक साथ लाने पर केंद्रित राजनीति के मूल्य पर जोर देते हैं,” रीड लिखते हैं, और “सामूहिक रूप से उन्हें संबोधित करने के लिए एक वाहन तैयार करना” जो “जो आगे बढ़ने के एक ऐसी राजनीति है जो हमारे पास समान है।”

ऐसी लोकनीति है जो मार्क लॉरिट्सन यूनाइटेड फूड एंड कमर्शियल वर्कर्स (UFCW) के साथ अपने काम में लाते हैं। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विनिर्माण के संगठन निर्देशक के रूप में, लॉरिट्सन मांस पैकिंग और खाद्य प्रसंस्करण में करीब 2,60,000 श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करते है, और संसाधकों के साथ उसकी सौदेबाज़ी में उनका दूसरी पीढ़ी के प्लांट वर्कर होने का अनुभव हमेशा महत्वपूर्ण होता हैं। लॉरिट्सन अमेरिका के स्पेंसर, आयोवा में मांस संयंत्र श्रमिकों के बेटे है जिन्होंने मॉस से हड्डी निकलने के काम से शुरुआत की और फिर आयोवा के चेरोकी में विल्सन फूड्स में पशुबध फ्लोर पर काम किया।

UFCW श्रमिकों के लिए सौदेबाज़ीयों में लॉरिट्सन सफल रहे है। 2020 में, उन्होंने महामारी के शुरुआती दिनों से “हीरो पे” (अतिरिक्त वेतन जो आवश्यक श्रमिकों को महामारी के दौरान काम करने के लिए मिला। संगठनों ने इसके लिए मांग की थी और हासिल किया) प्रावधानों को स्थायी बनाने के लिए कारगिल और जेबीएस यूएसए दोनों के साथ बातचीत की, और तब से, कुछ श्रमिकों ने अपने वेतन में और भी वृद्धि देखी है; उदाहरण के लिए, जेबीएस कंपनी के ग्रीली, कोलो प्लांट अब 21.75 डॉलर और 28.25 डॉलर प्रति घंटे के बीच भुगतान करता है।

और अब लॉरिट्सन की दृष्टि एक अलग सहयोगी लक्ष्य पर है- मांस संयंत्र श्रमिक की व्यापक प्रतिष्ठा को बदलने के लिए प्रोसेसर के साथ काम करना और भर्ती और प्रतिधारण की समस्याओं को हल करना जिन्होंने एक पीढ़ी के लिए उद्योग को परेशान किया है। मीटिंगप्लेस के साथ चर्चा में लॉरिट्सन ने अपनी दृष्टि का विवरण दिया।

मीटिंगप्लेस: मीट प्लांट्स में आपके पहले का अनुभव आपके वर्तमान संगठन के काम को कैसे कथन करता हैं?

लॉरिट्सन: मैं अक्सर यही सोचता हूँ – कार्य जो हमारे सदस्य वास्तव में करते हैं और उनके लिए इसका क्या अर्थ है… और उनके परिवार [और] समुदाय के लिए। हालाँकि अब मेरे पास यह ऊँचा पद हैं लेकिन मेरे जीवन में एक वक्त था जब मैं पशुबध फ्लोर पर जाता था [और सोचता था] ‘यह मेरा करियर है।’ आप उस करियर को जितना संभव हो उतना अच्छा अनुभव कैसे बना सकते हैं? आज जो चीज मुझे प्रेरित करती है, वह यह है कि काम लोगों को मायने देता है। यह सिर्फ तनख्वाह नहीं है; यह लोगों को मायने देता है, [तो] आप उन सदस्यों के लिए उस नौकरी को  संभवत:  सबसे अच्छा काम कैसे बना सकते है जो बहुत कठिन परिस्थितियों में हर दिन काम पर जाते हैं?

ऐसी चीजें भी हैं जो मेरे मासपैकिंग में काम करने से बहुत पहले हो चुकी हैं। मेरी माँ और पिता 1977 में स्पेंसर फूड्स में काम कर रहे थे, और उनके (काम को) तालाबंदी कर दिया गया। मुझे लगता है कि मैं जूनियर हाई या हाईस्कूल में था, लेकिन वे तालाबंदी के शिकार थे, और वह तालाबंदी और श्रम विवाद वर्षों तक चला।

इस तरह की शक्ति का उपयोग देखना, उन मेहनतकश लोगों के खिलाफ जो सिर्फ जीने की कोशिश कर रहे हैं – और यह उन परिवारों पर क्या असर करता है और समुदायों  पर क्या असर करता है  – और उसके माध्यम से जीने के लिए एक युवा व्यक्ति के रूप में निश्चित रूप से प्रभाव पड़ा….जब तक वह मामला खत्म हुआ, मैं इस संगठन से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि के रूप में सेवा कर रहा था, और  मैं उन लोगों में से एक हूँ जो स्पेंसर, आयोवा में स्थानीय यूनियन हॉल में जाते हैं, एनएलआरबी (राष्ट्रीय श्रम संबंध बोर्ड) समझौते पर मतदान करने के लिए जिस पर सौदेबाज़ी हुई थी। आप एक श्रम विवाद को देख रहे थे जो तकनीकी रूप से 12,13 वर्षों तक चला था।

मीटिंगप्लेस: श्रम अनुबंधों पर मालिकों के साथ सौदेबाजी करते समय आपका दृष्टिकोण क्या है?

लॉरिट्सन: मेरा दृष्टिकोण उस उद्योग को समझना है जिससे हम निपट रहे हैं। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि हमारे स्थानीय संगठन के नेता और हमारे कर्मचारी जो मेरे साथ काम करते हैं, सभी को मांस पैकिंग और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों का व्यापक ज्ञान है। यह एक संक्षेप विचार नहीं है। यह कुछ ऐसा है जिसे हम सभी जानते हैं, लेकिन हम उद्योग के अर्थशास्त्र को जानते हैं।

मैं [यह भी] मानता हूं कि अगर हम बातचीत करते रहें — और कठिन मुद्दों पर बातचीत— हम समझौता पर आ सकते हैं जो मालिकों के लिए अच्छा है और श्रमिकों के लिए अच्छा है। लेकिन, कुछ रेखाएं हैं — और मालिक इन्हें जानते हैं – जिन्हे हम पार नहीं करते हैं। अगर इसका संबंध सुरक्षा और स्वास्थ्य से है, या अगर इसका मानवाधिकारों और इस तरह की चीजों से कोई लेना-देना है, हम उन्हें पार नहीं करेंगे, और हम सुनिश्चित करते हैं कि मालिक इन हे जानते हैं। यह संबंध बनाने और लंबी, कठिन चर्चाओं से आता है।

यह सब सौदेबाजी की ओर जाता है, [और] हम हमारे सदस्यों को क्या चाहिए वह दृष्टिकोण लेते हैं , क्योंकि मान लीजिए एक सदस्य की एक जगह पर अलग आवश्यकता हो सकती है जो दूसरे सदस्य की देश के दूसरी जगह से पूरी तरह से अलग हो सकती है। हम इस बात पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं कि हमारे सदस्यों को क्या चाहिए, हमारे सदस्यों के लिए क्या महत्वपूर्ण है और हम अनुबंध वार्ता के दौरान उस अधिकार को कैसे सही बनाते हैं! यह उस चीज़ पर वापस जाता है जिससे मैंने शुरुआत की थी— हम कैसे कुछ ऐसा काम करें जिसे लोग गर्व के साथ देख सकें?

मीटिंगप्लेस: UFCW मांस प्लांट्स में श्रमिकों को आकर्षित करने की समस्या से कैसे निपट रहा है?

लॉरिट्सन: हमें यह याद रखना चाहिए कि COVID-19 से पहले उद्योग को श्रमिकों के प्रतिधारण और आकर्षण की एक गंभीर समस्या थी। मुझे लगता है कि COVID-19 श्रमिकों को आकर्षित करना और भी अधिक कठिन करेगा – शायद प्रतिधारण पक्ष नहीं, बल्कि आकर्षण पक्ष पर। उद्योग को यह मानना होगा कि श्रमिकों को आकर्षित करने और प्रतिधारण करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण चीजें को बदलना होगा।

एक, आपको एक अच्छा, ठोस वेतन देना होगा। यदि आप मांस पैकिंग प्लांट में काम करने के लिए श्रमिकों को आकर्षित करने जा रहे हैं तो पर्याप्त संख्या में लोगों को आकर्षित करने के लिए वेतन भी आकर्षक होना चाहिए – प्लांट को चलाने के लिए आपको वास्तव में जितनी आवश्यकता है उससे कहीं अधिक, क्योंकि ऐसे लोग हैं जो इस काम को करने के लिए पूरी तरह से साक्ष्यं नहीं हैं और बहुत से लोग जल्दी ही काम छोड़ देंगे।

आकर्षण की ओर, मैं आशा करता हूँ कि जो वेतन हमने सौदेबाज़ी से बढाई हैं वह लोगों को आकर्षित करने के लिए एक अच्छे उपकरण हो सकता है। हालाँकि, मुझे नहीं लगता कि जब वेतन की बात आती है तो हमारा काम पूरा हो चूका हैं। मुझे नहीं लगता कि हमने अभी तक उस स्थान तक पहुंचे है की जो सिओक्स सिटी, आयोवा में मांसपैकिंग प्लांट में काम करने के लिए किसी को आकर्षित करने के लिए वास्तव में काफी है। मेरा मतलब है की जो अभी का न्यूनतम वेतन जो 18 डॉलर प्रति घंटा, वह काफी है। हो सकता है, निकट भविष्य में, वह न्यूनतम वेतन लगभग 20 डॉलर प्रति घंटा हो।

मीटिंगप्लेस: और श्रमिकों के प्रतिधारण के बारे में क्या कहेंगे?

ऐसी कई चीजें हैं जो होनी होगी। उद्योग की प्रतिष्ठा है – और वह प्रतिष्ठा 80 और 90 के दशक की लंबी लड़ाई से आती है – कि यह कम वेतन वाला काम है और यह काम करने के लिए खतरनाक जगह है। हमें सामूहिक रूप से इसे ठीक करना होगा। जब मैं कहता हूं ‘हम’ – यह UFCW है, यह स्थानीय संगठन हैं और यह मालिक हैं… इस कार्य को सुरक्षित बनाने के लिए हमें क्या दृष्टिकोण अपनाना चाहिए? इसमें कोई शक नहीं कि हम यह कर सकते हैं, सामूहिक रूप से हम इसे काम करने के लिए एक सुरक्षित जगह बना सकते है।

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जब मैं मांस पैकिंग प्लांट में काम करता था- ‘कार्पल टनल सिंड्रोम’ (हाथ और कलाई में उत्पन्न होने वाला तड़पा देने वाला दर्द है) और ‘रिपिटिटिव मोशन’ (रिपिटेटिव मोशन इंजरी एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति जब अपने शरीर के एक हिस्से को एक ही तरह से बार-बार इस्तेमाल करता है तो इससे जोड़ों, मांसपेशियों और ऊतकों पर बहुत अधिक तनाव और दबाव पड़ सकता है। जिसके कारण ओवरयूज इंजरी हो सकती है और व्यक्ति के शरीर के उस हिस्से में दर्द, सूजन और टेंडरनेस हो सकता है।) वाक्यांश आम तौर पर आप नहीं सुनते थे। हो सकता है कि आपको वहां से एक या दो चोटें आई हों, लेकिन यह कोई सामान्य बात नहीं थी। तब क्या अंतर था? आप [आज की] लाइन गति को देखें, आप श्रमिकों का स्टाफिंग संख्या देखें (काम के हिसाब से श्रमिकों की संख्या), आप इन सभी अलग-अलग टुकड़ों को देखें जो इसमें शामिल है – हम यहाँ तक कैसे पहुंचे जहां श्रमिक रिपिटिटिव मोशन की चोटों और इस तरह की चीजों से जूझते हैं?

पहले दिन से [एक नया श्रमिक] से 100% काम करने के बजाय, उन्हें नौकरी में प्रशिक्षित देना चाहिये। उन्हें बहुत धीमी गति से प्रशिक्षित करें, उन्हें मज़बूत करें और उन्हें काम करने की आदत डालें, और फिर हम उन्हें पूर्ण [स्तर] में स्थानांतरित कर सकते हैं। उद्योग की समस्या यह है कि वे एक श्रमिक को हड़प लेते हैं और वे चाहते हैं कि वे पहले दिन से पूरी गति से काम करें, और यह शारीरिक रूप से असंभव है। ये लोग जो पहले दिन से लेकर एक साल तक हैं – उनके शरीर अभी से खराब हो रहे हैं और यह उद्योग की प्रतिष्ठा है। अगर कोई है जो (काम) कार्यबल में आ रहा है, यह वह पहला स्थान नहीं है जहां आप काम पर जाना चाहेंगे। हम इसे कैसे ठीक करें? उस प्रतिष्ठा को बद के।

मीटिंगप्लेस: ऐसे कौन से तरीके हैं जिनसे मालिक उस प्रतिष्ठा को बदलने के लिए काम कर सकते हैं?

लॉरिट्सन: मैंने हाल ही में एक मालिक के साथ इस बात चर्चा की थी। इसे करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे बरताव या सम्मान तक सीमित कर दिया जाए। मैं हर समय प्लांट्स का दौरा करता हूं और मैं देखता हूं कि प्लांट प्रबंधक काम की जगह पर जाते हैं, और उनमें से अधिकांश अपने मजदूरों के साथ तालमेल रखते हैं। [वह]  चर्चा करते है, लोग उससे जुड़े हुए हैं, और लोग उस प्लांट मैनेजर को पसंद करते हैं।

लेकिन [वह बदल जाता है] जब हम प्रबंधन के निचले स्तर पर पहुंच जाते हैं। [प्लांट मैनेजर] अपने नीचे जो व्यक्ति काम कहते हैं, ‘हमें इतना उत्पादन करना है। हमें इसे अभी करना होगा।’ और फिर वह अधीक्षक, श्रमिक से कहता है, ‘हमें इतना उत्पादन करना है। हमें इसे अभी करना होगा।’  फिर वे लाइन सुपरवाइज़र के पास जाते हैं और कहते हैं,  ‘हमें इतना उत्पादन करना है। हमें इसे अभी करना होगा।’ वह सारा दबाव निचले स्तर के श्रमिकों तक जाता है, और लाइन पर्यवेक्षकों के पास साधारण श्रमिकों को छोड़कर चिल्लाने के लिए कोई और नहीं है।

प्रशिक्षण के कुछ स्तर होने चाहिए जो प्रबंधन के निचले स्तर तक पहुंचे, इसलिए लाइन सुपरवाइज़र के साथ सम्मान और तालमेल का एक स्तर बना है, और जनरल फोरमैन, और अधीक्षक उस लाइन के साथ काम करते हैं, क्योंकि वे लोग हैं जो [श्रमिकों] के साथ काम निकालते हैं।

हम हमेशा उस तरह की कहानी सुनते हैं की हमें बाथरूम जाने का मौका ही नहीं मिलता। खैर, वह मुद्दा एक बात से उठता है, और वह उत्पादन करने के लिए दबाव से है …. और जब मजदूर बाथरूम जाने के लिए कहता है, [लाइन सुपरवाइज़र] कहते हैं, ‘मुझे अभी आपकी जगह लेने वाला कोई नहीं मिला है, तो आपको बस काम करना होगा।’ यह सुरक्षा और स्वास्थ्य के अलावा सम्मान का सवाल है। प्रशिक्षण का एक अलग स्तर होना चाहिए जहां लोग एक दूसरे के साथ इंसानों की तरह व्यवहार करें। एक दूसरे के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप चाहते हैं कि आपके साथ व्यवहार किया जाए। आप उन तीन घटकों को एक साथ रखें, मुझे लगता है कि हम प्रतिष्ठा बदल सकते हैं।

मीटिंगप्लेस: मांस प्लांट्स में ऑटोमेशन पर UFCW के क्या विचार है?

लॉरिट्सन: जिस तरह से ऑटोमेशन को उद्योग में लागू किया जा रहा है, उसे लेकर मैं थोड़ा चिंतित हूं… खासकर ऐसे समय में जब ज़्यादा श्रमिक नहीं हैं, [मालिक] इसे प्लांट में और समुदाय में में लागू करते हैं यह कह कर, ‘हम यह एक टुकड़े मैं लाने जा रहे हैं और इससे किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी’। हम उन्हें इस क्षेत्र में किसी अन्य नौकरी में दाल देंगे।

तब क्या होता है कि आप ऑटोमेशन के तत्काल प्रभाव नहीं देखते हैं। तो आपको पीछे मुड़ कर देखना होगा और देखें कि ऑटोमेशन ने क्या किया है। और इसलिए यदि आप पिछले 10 वर्षों में कुछ प्लांट्स में पीछे मुड़कर देखें, आप देख सकते हैं कि एक प्लांट में 1,200 लोग काम करते थे और अब अचानक बस 1,000 लोग ही हैं। तो 200 नौकरियां चली गयी हैं। लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि यह यहाँ थोडी और वहाँ थोडी नौकरिया गयी है।

कुछ मामलों में ऑटोमेशन एक अच्छी बात है। आप उससे एक सुरक्षित कार्यस्थल बनाते हैं… लेकिन हमेशा नौकरियां कम होना इसके साथ आता है। यह हमें संबोधित करना है और यही मेरी चिंता करता है …. जब आप किसी समुदाय से 200 नौकरियां निकालते हैं — मान लें कि डेनिसन, आयोवा — पांच साल की अवधि में, उसका समुदाय पर वास्तविक आर्थिक प्रभाव पड़ता है।

तो मैं यह देखना चाहता हूँ की जब ऑटोमेशन हमारे प्लांट में आ जाता है तक चर्चा यह होनी चाइये की कोई नौकरी का नुकसान न हो। ऑटोमेशन को स्थिरता के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, उत्पादन बढ़ाने और श्रमिकों को कम करकर, समग्र लागत को कम करने के तरीके के रूप में नहीं। मुझे पता है कि यह इसका एक हिस्सा है, लेकिन एक और घटक होना चाहिए। हमारा एक सामाजिक दायित्व है। उद्योग का समुदायों के प्रति सामाजिक दायित्व है कि वे उस समुदाय को बनाए रखने में मदद करने के लिए जिसमे वह काम करते हैं।

तो ऑटोमेशन अच्छा हो सकता है यदि इसका उपयोग सही चीज़ के लिए किया जाए, लेकिन हमें यह देखने की जरूरत है कि यह उस प्लांट में शामिल प्रत्येक हितधारक को कैसे प्रभावित करता है। यदि नहीं, तो हमारे पास प्लांट को समर्थन देने के लिए उसके आसपास बुनियादी ढांचा नहीं होगा। हमें आबादी का लगातार नुकसान होगा, जो मजदूरों के आकर्षण और प्रतिधारण की समस्या को बढ़ा देता है। जैसे ही लोग इन छोटे शहरों को छोड़ते हैं, आपको वापस आने के लिए किसी और को आकर्षित करना होगा। यदि हम इसे सही तरीके से करते हैं तो स्थानीय श्रमिकों को आकर्षित करना बहुत आसान है। हमें खत्म के लिए ऑटोमेशन का उपयोग न करें।

मीटिंगप्लेस: आप वैकल्पिक मांस प्रोसेसिंग के बारे में कैसे सोच रहे हैं पौधों पर आधारित से लेकर सेल कल्टिवेटेड तक, उन स्थानों में संगठित करने के बारे में आपके क्या विचार हैं?

लॉरिट्सन: हम प्रोटीन उद्योग में काम करने वाले सभी लोगो का प्रतिनिधित्व करते हैं,  [इसलिए] हमारे संगठन के आयोजकों की [वैकल्पिक मांस] श्रमिकों के साथ बातचीत होगी, जब सगठन से जुड़ने की बात आती है। मैं अभी भी इसे मानव अधिकार के मुद्दे के रूप में देखता हूं। तो अगर  वैकल्पिक मांस  कंपनियां और इम्पॉसिबल फूड्स लोग इस प्रोटीन उद्योग में काम करना चाहते हैं… उन्हें लोगों को सही वेतन देने और सम्मान के साथ व्यवहार करने की आवश्यकता है। उन्हें अच्छे लाभ देने की जरूरत है। और उन्हें एक अच्छी नौकरी देने की जरूरत है।

यह सब  मानव अधिकारों के मुद्दे से शुरू होता है… द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया ने अध्ययन किया कि युद्ध के समय क्या हुआ और क्या गलत हुआ। संयुक्त राष्ट्र ने मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा जारी की, [और] उन सार्वभौमिक अधिकारों में से एक प्रतिशोध के डर के बिना एक संगठन में शामिल होने का अधिकार है… तो जैसा कि आप उस पर पीछे मुड़कर देख रहे हैं… मैं बहुत से लोगों को ऑल्ट-मीट में जानता हूं, [और] वे यह सोचना पसंद करते हैं कि वे बाक़ी की तुलना में अधिक प्रगतिशील हैं। जब तक पैसा कमाने की बात नहीं आती, तब तक वे हमेशा प्रगतिशील रहते हैं, और वे भी किसी और की तरह ही मानव अधिकारों का उल्लंघन करेंगे।

हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि वे इससे बच ना सकें… जब बात आपके काम की हो तो संगठन में शामिल होने के मानव अधिकार का प्रयोग सबसे बुनियादी बात है। बाकी सब उसी से निकलता है – अच्छा वेतन, अच्छा लाभ, एक स्थिर कार्यबल स्थान। यह सब मानव अधिकारों के प्रयोग से आता है। इसलिए इसे संरक्षित करने की जरूरत है। और इसलिए जब पौधे-आधारित मांस की बात आती है, यदि आप इस उद्योग में हैं, तो हम आएंगे। हम आपके श्रमिकों से बात करेंगे। और हम उम्मीद करते हैं कि आप उनके  मानव अधिकारों का उल्लंघन नहीं करेंगे।

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“हम महिलाएं जिससे डरते हैं”, संगठन की शक्ति से हम उस से भिड़ते हैं!

“हम महिलाएं जिससे डरते हैं”, संगठन की शक्ति से हम उस से भिड़ते हैं!

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वाक्यांश “हम महिलाएं जिससे डरते हैं” ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण और हिंसा पर अल-जज़ीरा जांच इकाई की एक शक्तिशाली रिपोर्ट से आता है। रिपोर्ट में वर्णित यौन उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और हिंसा, और महिलाओं की संस्थागत भेद्यता का शोषण उस डर को उजागर करता है जो महिला श्रमिक प्रतिदिन कार्यस्थलों में अनुभव करती हैं।

कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों को हिंसा और दुर्व्यवहार का सामना करने का एक कारण संस्थागत और प्रणालीगत भेद्यता है जो कार्यस्थलों में व्याप्त है। पिछले चार वर्षों में होटल, रेस्ट्रॉन्ट, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि में संगठनो के महिला नेताओं और सदस्यों के साथ हमारे काम के आधार पर हमने विभिन्न प्रकार की संस्थागत भेद्यता की पहचान की, दोनों शारीरिक और आर्थिक।

अलगाव और यात्रा के मामले में शारीरिक भेद्यता का अनुभव किया गया था। अलगाव का मतलब उन स्थितियों से हो सकता है जिनमें कार्यस्थल में कई पुरुषों के बीच केवल कुछ महिलाएं होती हैं, जिससे वे असुरक्षित हो जाती हैं। या जहां महिलाएं अकेले खेतों या बागानों में काम कर रही थीं, या सड़क पर बिक्री श्रमिक के रूप में घरों या कार्यालयों में जा रही थीं। यात्रा का मतलब है वह भेद्यता जिसका काम पर आते जाते सामना करना पडता है। इसमें भीड़-भाड़ वाला मिश्रित सार्वजनिक परिवहन शामिल था; नियोक्ता द्वारा प्रदान किया गया भीड़-भाड़ वाला मिश्रित परिवहन; काम से आने और जाने के लिए मजबूरन लोगों से लिफ्ट लेना होना; या खेतों में काम करने या पानी भरने के लिए लंबी दूरी तय करना।

हमने जिस आर्थिक भेद्यता पर चर्चा की, जिसमें कम मजदूरी या गरीबी में रखने वाली मजदूरी शामिल है, जिससे महिलाओं के लिए खुद को हिंसा से निकलना असंभव हो जाता है। यह कार्यस्थल और घर में हिंसा दोनों पर लागू होता है। जहां गरीबी में रखने वाली मजदूरी पर महिलाएं काम करती है वह पहले से हीअसुरक्षित हैं और उन्हें दूसरी नौकरी नहीं मिल सकती है, वे घरेलू हिंसा से बचने के लिए आवश्यक आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में असमर्थ हैं। हमारे संगठनो की कई महिला नेताओं ने तर्क दिया कि सामूहिक सौदेबाजी के माध्यम से बातचीत की गई एक अच्छी मजदूरी या “जीवित मजदूरी” महिला श्रमिकों की आर्थिक भेद्यता को कम करने में योगदान कर सकती है और उस भेद्यता से उत्पन्न होने वाली हिंसा को खत्म करने में मदद कर सकती है।

हमारे सदस्यों ने विभिन्न प्रकार की आर्थिक भेद्यता के बारे में बात की, जिनमें शामिल हैं: ऋण/बंधुआ मजदूरी और हिंसा का सामना महिलाएं “संपत्ति” के रूप में करती हैं; विधवाओं को भूमि अधिकारों और सरकारी लाभों तक पहुंच से वंचित रखा गया; बागानों में महिला श्रमिकों को पुरुषों को मिलने वाले पारिवारिक लाभों से वंचित रखा है, विशेष रूप से आवास और मज़दूरी के बदले माल का भुगतान (जैसे चावल, अनाज जैसे आवश्यक भोजन); भर्ती प्रथाओं; और अनिश्चित रोजगार व्यवस्था।

नौकरी के लिए आवेदन करने और पाने, परिवीक्षा पास करने, प्रदर्शन मूल्यांकन पास करने, स्थायी नौकरी हासिल करने या अस्थायी अनुबंधों को नवीनीकृत करने में यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार बड़े पैमाने पर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नौकरी की सुरक्षा, आजीविका और महिला श्रमिकों की पदोन्नति पर जबरदस्त शक्ति प्रबंधन और पर्यवेक्षी पदों पर पुरुषों के हाथों में केंद्रित है। इस शक्ति का नियमित रूप से दुरुपयोग किया जाता है और इसे रोकने के लिए अक्सर कोई प्रभावी उपाय नहीं रखे जाते होते हैं।

भेदभाव और उत्पीड़न के लिए ‘शून्य सहनशीलता’ के दावों के बावजूद अधिकांश नियोक्ता – जिनमें दुनिया की कुछ सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खाद्य, पेय और कृषि कंपनियां शामिल हैं – आर्थिक भेद्यता और सत्ता के दुरुपयोग की गठजोड़ को दूर करने के लिए कुछ भी नहीं करते हैं। इसके बजाय, अधिकांश नियोक्ता आर्थिक दृष्टि से अनिश्चित रोजगार (आकस्मिक, अस्थायी, या आउटसोर्सिंग पर आधारित असुरक्षित नौकरियां) के उपयोग का बचाव करते हैं। यह लचीलेपन और दक्षता के बारे में है। फिर भी असुरक्षित नौकरियां महिला श्रमिकों के लिए आर्थिक भेद्यता का एक मूलभूत स्रोत हैं, जो उन्हें पुरुषों के उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के संपर्क में छोड़ देती हैं, जो यह तय करेंगे कि उनके अनुबंधों का नवीनीकरण किया जाये या नहीं। यह महिला श्रमिकों के डर का एक मूलभूत स्रोत है।

ट्रेड यूनियनों के रूप में यह हमारी भूमिका है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करें कि महिलाओं को अब उस डर का सामना न करना पड़े। हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन हमें काम पर संस्थागत भय के सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक: असुरक्षित और भर्ती से उत्पन्न भय, अनिश्चित रोजगार और असुरक्षित नौकरियां को खत्म करने के लिए यूनियनों के रूप में भी कार्रवाई करनी चाहिए।

हमें “हम महिलाएं जिससे डरते हैं” के पीछे की शक्ति और भेद्यता को उजागर करना चाहिए और हमें इसे एक संगठन के रूप में लड़ना चाहिए।

25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर यूनियनों द्वारा अधिक से अधिक कार्रवाई का आह्वान करने के लिए कृपया हमारे साथ जुड़ें।
और हर दिन आगे बढ़ते हुए, इसे इसे सम्बह्व करना है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए, हमारे संगठन, हमारी शक्ति का उपयोग महिलाएं जब आवाज़ उठाएं, बिना किसी डर के काम करने वाली महिलाएं, सभी श्रमिक एक साथ खड़े हों उनकी रक्षा और समर्थन करने के लिए किया जाना चाहिए।

हिदायत ग्रीनफील्ड, क्षेत्रीय सचिव